मौसम बदले तो रखें सेहत का ख्याल

मौसम बदलने के साथ लाती है ढेर सारी बीमारियां व वायरल जैसी समस्या भी बढ़ जाती है। अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी बढने लगती है। सर्दियों को पहाड़ों के चिकित्सकीय भाषा में हेल्थी सीजन कहा जाता है। इन महीनों में बीमारियों का संक्रमण कम देखा गया है, लेकिन सर्दियों के खत्म होते गर्मियों की शुरुआत होते ही आम लोगों के स्वास्थ्य पर सीधा असर डलना शुरू हो जाता है। लोग बीमारियों की चपेट में आने लगते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में हालात खराब हो जाती है। यहां सेहत संबंधी शहरों के मुकाबले गांव के लोग ज्यादा अवेयर नहीं हैं। इस दौरान क्या-क्या खतरे हो सकते हैं :- -वायरल फीवर -डायरिया -जुखाम, बुखार -शरीर टूटना आदि सावधानियां : -बदलते मौसम में खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए -गरम कपड़ों को एकदम से नहीं हटाना चाहिए -साफ पानी का उपयोग करना जरूरी -धूप में काम करने के तुरंत बाद ठंडे पानी से नहाने से बचना चाहिए -कोई भी समस्या हो उसका उपचार डॉक्टर से और समय रहते ही करवाएं और बीमारी संबंधी पूरी तरह से जांच करवाएं जो लोग खेती-बाड़ी से संबंधित काम करते हैं वे लोग ज्यादा बीमारी के चपेट में आते हैं इन्हें विशेष रूप से सेहत का और खान पान का ध्यान रखना चाहिए। जरूरी : अगर खानपान में फ्राय व बासी या बेकरी से संबंधी भोजन का इस्तेमाल बहुत कम मात्रा में करें तो आपकी सेहत पर बुरा प्रभाव को रोका जा सकता है।

कोई टिप्पणी नहीं

अगर आपको कोई आपत्ति है तो कृप्या मुझे सूचित करें...अपनी राय खुलकर मुझसे शेयर करें। आपका स्वागत है।

Blogger द्वारा संचालित.