Dharamshala Tour in Hindi धर्मशाला टूअर (2017)

हिमाचल के धर्मशाला को भारत का स्विट्जरलैंड कहा जाता है। यहां की वादियां जन्नत से कम नहीं।  गर्मी की छुट्टियां सुकून से बिताने के लिए धर्मशाला से बेहतर विकल्प है। धर्मशाला के पहाड़ों की सुंदरता पूरी दुनिया में मशहूर हैं।हिमाचल के धर्मशाला को भारत का स्विट्जरलैंड कहा जाता है। यहां की वादियां जन्नत से कम नहीं।  गर्मी की छुट्टियां सुकून से बिताने के लिए धर्मशाला से बेहतर विकल्प है। धर्मशाला के पहाड़ों की सुंदरता पूरी दुनिया में मशहूर हैं।




अगर ट्रेन से आना चाहते हैं... 

धर्मशाला में कोई रेलवे स्टेशन नहीं है। धर्मशाला के सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन पठानकोट है। यहां से धर्मशाला की दूरी केवल 85 किलोमीटर है। यहां से आगे का सफर आप बस या टैक्सी से कर सकते हैं जो आपको पठानकोट रेलवे स्टेशन के बाहर से भी मिल जाएंगी। ट्रैवलिंग के लिए भरपूर साधन उपलब्ध है। इसमें आपको कोई दिक्कत नहीं होगी। पठानकोट से बस के जरिए धर्मशाला पहुंचने में 3-4 घंटे लगते हैं जबकि टैक्सी भी 2-3 घंटे का समय लगता है। वैसे तो पठानकोट रेलवे स्टेशन देश के अधिकतर शहरों से सीधे जुड़ा है। जम्मू जाने के लिए लगभग हर ट्रेन पठानकोट होते हुए जाती है। वैसे धर्मशाला के नजदीक कांगड़ा रेलवे स्टेशन भी है लेकिन अधिकतर बड़ी ट्रेन नहीं रुकती। कांगड़ा से धर्मशाला लगभग 22 किलोमीटर की दूरी पर है। इसके अलावा एक और विकल्प है आप चंडीगढ़ तक की ट्रेन भी ले सकते हैंं। चंडीगढ़ से भी देश के सभी प्रमुख रेलमार्गों से सीधा जुड़ा है। यहां से आप कोई भी विकल्प चुन सकते हैं। सड़कमार्ग बेहतर कंडीशन पर्यटक अधिकतर सड़क मार्ग से ही धर्मशाला जाते हैं यह धर्मशाला पहुंचने का पांरपारिक तरीका भी है। दिल्ली, यूपी, हरियाणा और पंजाब के धर्मशाला घरेलू पर्यटकों के साथ विदेशी पर्यटकों के लिए भी खासा महत्वपूर्ण है। नैशनल हाइवे 154 और नैशनल हाइवे 504 धर्मशाला को देश के दूसरे हिस्सों से जोड़ते हैं। धर्मशाला के लिए देश के प्रमुख शहरों से नियमित बस सेवा उपलब्ध है। धर्मशाला से दिल्ली, चंडीगढ़ से धर्मशाला या पठानकोट से धर्मशाला के लिए नियमित लग्जरी वॉल्वो बस सेवा उपलब्ध रहती है। इसके अलावा अमृतसर से धर्मशाला के लिए भी बस सेवा उपलब्ध है जो केवल 4 घंटे में धर्मशाला पहुंच सकते हैं।  दिल्ली से धर्मशाला बस से पहुंचने में करीब 10 घंटे लगते हैं। जयपुर से धर्मशाला आप अपनी कार या कैब से पहुंच सकते हैं। धर्मशाला में विदेशी सैलानियों की भरमार है। यहां विदेशी सैलानी आपको अक्सर चहल-कदमी करते दिख जाएंगे। यहीं पर दलाई लामा टेंपल भी है। जो कि पूरा विश्व में विख्यात है। यहां पर आएं तो मठ में जरूर आएं।यह बौद्ध धर्म गुरू दलाई लामा का खूबसूरत मंदिर है। बौद्ध धर्म के अनेक भिक्षुकों का यहां जमावड़ा लगा रहता है। इस टेंपल में बड़े-बड़े प्रार्थना चक्र लगे हैं। इन्हें घुमाने पर उन पर लिखे मंत्रों का पुण्य प्राप्त होता है। 



भगसूनांग मंदिर : - 

यहीं पर कुछ किलोमीटर की दूरी पर एक छोटा सा पौराणिक मंदिर है। इस मंदिर में पहाड़ों से बहता कुदरती झरना आपको मंत्रमुग्ध कर देती है। इसका पानी इतना ठंडा है गर्मियों में सैलानी कोल्ड्रिंक को ठंडा करने के लिए इसमें डाल देते हैं कुछ ही मिनटों के बाद कोल्ड्रिंक पूरी तरह ठंडा हो जाता है। यहीं पर सेंटर जॉन चर्च है जिसका निर्माण 1863 में हुआ था। यह घने पेड़ों से घिरा हुआ खूबसूरत और प्राचीन है। इसके कुछ ही दूरी के अंतराल पर नड्‌डी नामक स्थल है जहां पर डल झील है। देवदार के वृक्षों से घिरा यह खूबसूरत पिकनिक स्पाॅट है।





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